लोक संगीत संध्या में मारवाड़ की धुनों ने बांधा समां
स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोकगीतों से दर्शकों को जोड़ा।
स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोकगीतों से दर्शकों को जोड़ा।
कार्यशाला में संवाद, मंच संचालन और लोककथाओं पर आधारित प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया गया।
तस्वीरों के जरिए मारवाड़ के लोक जीवन, बाजार और सांस्कृतिक रंगों को प्रस्तुत किया गया है।